Friday, January 28 2022

December 7, 2021

यमुना के प्रदूषित पानी से निकलने वाली गैस का ताजमहल पर अधिक प्रभाव

आगरा – कई वर्षों से ताजमहल देखने वाले टूरिस्ट इस ऐतिहासिक स्मारक में दुर्गंध की शिकायत करते आ रहे हैं। एक अध्यन से पता चला है यमुना नदी, जो पूरे आगरा के अनुपचारित अपशिष्ट जल को वहन करती है, हाइड्रोजन सल्फाइड के उत्पादन के लिए जिम्मेदार है। यह मानना है श्री दीपांकर साहा का जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अतिरिक्त निदेशक और इस अध्यन के सह-लेखकों में से एक हैं। श्री साहा ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वायु प्रयोगशाला के प्रमुख के रूप में 12 वर्षों तक काम किया है। उनका मानना है हाइड्रोजन सल्फाइड गैस अम्लीय और संक्षारक है इसलिए यमुना नदी को साफ करने के लिए बहुत अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने पाया कि प्रदूषित यमुना के पानी से निकलने वाली गैस का आगरा शहर में औद्योगिक प्रदूषण द्वारा छोड़े गए सल्फर डाइऑक्साइड की तुलना में अधिक संक्षारक प्रभाव था।